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केंद्रों पर ताले, कागजों में धान खरीद

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जसवंत नगर मंडी में बंद पड़ा धान क्रय केंद्र व धान लेकर आए किसान। - फोटो : ETAWAH
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इटावा। धान खरीद केंद्रों की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की मनमानी किसानों के लिए मुसीबत बनी है। आरोप हैं कि ताखा ब्लाक के पांच खरीद केंद्रों का ताला भी नहीं खुला, लेकिन कागजों में रिकार्ड धान खरीद की गई। 11 दिन पहले ही खरीद बंद कर दी गई है। 33 खरीद केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष 91 प्रतिशत धान की खरीद हो चुकी है। जिले को पहले 42 हजार 200 मीट्रिक टन और बाद में 47 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला था।
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जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने बताया विधानसभा चुनाव के लिए नई मंडी को अधिग्रहीत किए जाने सेे पांच क्रय केंद्रों को छोड़कर सभी केंद्र अभी संचालित हो रहे हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया कि अब तक 43147 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। किसानों का अभी तक का तीन करोड़ 71 लाख रुपये का भुगतान बकाया है।
अफसरों की मानें तो ताख ब्लॉक के पांच धान खरीद केंद्रों पर रिकार्ड 33900 क्विंटल धान खरीदा गया। किसान खरीद न होने की बात कह रहे हैं। ग्राम गढ़िया ठाकुरान निवासी दीपेंद्र प्रताप सिंह का आरोप है इस बार धान खरीद केंद्र संतोषपुर पचार में न कांटा लगाया गया और न धान खरीदा गया। लिहाजा धान 1200 रुपये क्विंटल मंडी में बेचना पड़ा। पुंजा निवासी शिवम दीक्षित ने कहा कि संतोषपुर पचार धान केंद्र पर कई बार गए, लेकिन धान खरीदने से मना कर दिया गया। लिहाजा 100 क्विंटल धान मंडी में कम रेट पर बेचना पड़ा। भरथना कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में धान के चार क्रय केंद्र खोले गए थे। बृहस्पतिवार को सभी केंद्र प्रभारी नदारद मिले। नगला खादर (बकेवर) निवासी मुकेश त्रिपाठी ने बताया वह धान बेचने के लिए छह बार चक्कर काट चुके हैं।
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महेवा के कस्बा निवाड़ीकला धान खरीद केंद्र पर प्रशासनिक लापरवाही के चलते धान की खरीद नहीं हो सकी। शुरुआत में 2200 क्विंटल धान खरीद कागजों में कर लिए जाने की शिकायत पर जांच के बाद केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद यह केंद्र खोला ही नहीं गया। रमेश सिंह, अजब सिंह पाल, राकेश कुमार, अनमोल चंद्र, रवि गौतम का कहना है निवाड़ीकला धान केंद्र सिर्फ कागजों में भी चलकर रह गया।
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