चकरनगर के खेत में खड़ी गेहूं की मुरझाई फसल
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चकरनगर। फागुन में चैत्र माह जैसी तेज धूप से किसानों को गेहूं की फसल प्रभावित होने की आशंका सताने लगी है। गेहूं के पौधों में गर्मी के कारण लंबाई बढ़ने की जगह बाली निकलने लगी है। किसानों का मानना है कि पौधे छोटे होने से गेहूं का दाना पतला व भूसा पैदा नहीं होगा।
किसानों का कहना है 60 दिन से अधिक का गेहूं खेतों में खड़ा है। मौसम अनुकूल न होने के कारण गेहूं के पौधों की लंबाई बढ़ नहीं रही है। बे-मौसम बरसात ने सरसों की फसल को प्रभावित कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से तेज धूप के कारण फागुन के पहले दिन ही चैत्र माह जैसी गर्मी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में गेहूं की फसल चौपट हो सकती है। फसल में अभी दोबारा यूरिया की खाद देने का समय चल रहा है।
तेज धूप होने के कारण खेतों से नमी गायब हो रही है। किसान अरविंद सिंह, अशोक सिंह, नवाब सिंह, कल्याण, बहादुर, नेकराम, सुरेश कुमार ने बताया इस साल मौसम फसलों के लिए अनुकूल नहीं रहा। तेज धूप के कारण गेहूं की फसल मुरझा रही है। समय से पहले खेतों में पानी देना पड़ रहा है। पौधे छोटे रहने पर दाना पतला पड़ेगा और भूसा नहीं होगा।
सहायक ग्राम विकास अधिकारी कृषि दयाशंकर राठौर व कृषि तकनीकी सहायक संदीप सिंह ने किसानों को खेतों में नमी कम न होने देने की सलाह दी है। मौसम में गर्मी होने के कारण गेहूं की फसल प्रभावित हो सकती है। समय से पानी लगाने पर नुकसान रोका जा सकता है।