इटावा। चार दिन मनाए जाने वाले छठ महापर्व का सोमवार को बडे़ ही धूमधाम से शुरुआत हुई। पहले दिन व्रती महिलाओं ने घर में नहाय खाय से शुरुआत करते हुए सूर्य देवता को अर्घ्य देकर छठ व्रत का संकल्प लिया।
इस मौके पर महिलाओं ने सिंदूर को नाक से लेकर मांग को भरा। समारंभा फाउंडेशन की अध्यक्ष व व्रती ऋचा राय ने बताया कि नहाय खाय में छठी माता कात्यायनी यानी योगमाया की पूजा की जाती है।
पहले दिन स्वच्छता का विशेष महत्व होता है। बताया कि घर की स्वच्छता से लेकर शरीर और मन की स्वच्छता बहुत जरूरी होती है। मुख्य भोजन लौकी की सब्जी, चावल और चने की दाल ग्रहण करने के साथ ही 36 घंटे का छठ महापर्व शुरू हुआ।
बताया कि इस दौरान 24 घंटे में सिर्फ एक बार खाना खाया जाता है। मंगलवार को खरना का व्रत होता है, इसमें खीर और रोटी खाई जाती है और परिवार के लोग भी यही खाते हैं।
बुधवार को उगते सूर्य को नदी, पोखर या नहर अथवा घर के बाहर गड्ढा खोदकर भरे जल में खड़े होकर सूप में प्रसाद सामग्री के साथ अर्घ्य देकर निर्जल व्रत शुरू होगा, जो बृहस्पतिवार को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करते हैं।