इटावा। मन में आस्था, हाथ में निर्वाण लाडू और जुबां पर भगवान महावीर के जयकारे। बृहस्पतिवार को सुबह शहर के जैन मंदिरों में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। मौका था दीपावली के पावन पर्व पर आयोजित भगवान महावीर निर्वाण महोत्सव का।
इस मौके पर भक्तों ने निर्वाण लाडू चढ़ाकर मुक्ति की कामना की। शहर से दो किलोमीटर दूर यमुना नदी के किनारे पर स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र नशियां जी पर जैन धर्म के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर का निर्वाण महोत्सव मनाया गया।
इस मौके पर राजेश एंड पार्टी ने संगीतमय अभिषेक के बाद महावीर भगवान का पूजन किया। श्रावक-श्राविकाओं ने नृत्य भजन के साथ सामूहिक निर्वाण लाडू चढ़ाया। विश्व जैन संगठन के अध्यक्ष आकाशदीप जैन बेटू ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन एक खुली किताब की तरह है।
उनका जीवन ही सत्य, अहिंसा और मानवता का संदेश है। उनके घर-परिवार में ऐश्वर्य, संपदा की कोई कमी नहीं थी। एक राजा के परिवार में पैदा होते हुए भी उन्होंने ऐश्वर्य और धन संपदा का उपभोग नहीं किया।
नशियांजी कमेटी के अध्यक्ष संजीव जैन संजू ने बताया कि भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें अंतिम तीर्थंकर हैं। महावीर स्वामी ने कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन ही स्वाति नक्षत्र में कैवल्य ज्ञान प्राप्त करके निर्वाण प्राप्त किया था।
कमेटी के महामंत्री धर्मेंद्र जैन वैद्य ने कहा कि भगवान महावीर ने अपने जीवन काल में अहिंसा के उपदेश प्रसारित किए। उनके उपदेश इतने आसान है कि उनको जानने-समझने को किसी विशेष प्रयास की जरूरत नहीं।
लालपुरा जैन मंदिर में चार्तुमास कर रहे इटावा गौरव आचार्य प्रमुख सागर महाराज के सानिध्य में विधान का आयोजन किया गया। तदुपरांत 24 श्रद्धालुओं ने विशेष लाडू श्रीजी के चरणों में अर्पित किए।
नशियांजी पर कमेटी के सह कोषाध्यक्ष नवनीत जैन, मनोज जैन एलआईसी, प्रदीप जैन, सुभाष चंद्र जैन, पीडी जैन, महावीर जैन, समोद जैन, उमाकांत जैन, अजीत बाबू जैन सहित सैकड़ों स्त्री-पुरुष मौजूद रहे।
वहीं, शहर के प्रमुख जैन मंदिर सराय शेख, करनपुरा, छपैटी, बरहीपुरा, नया शहर, कटरा आदि मंदिरों पर धूमधाम से लाडू चढ़ाया गया।