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फसलें बर्बाद कर रहे गोवंश और नीलगाय

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खेत में फसल नष्ट करते गोवंश - फोटो : ETAWAH
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बकेवर। महेवा विकास खंड के किसानों के लिए आवारा गोवंश के साथ नीलगाय (वनरोज) और जंगली सुअर मुसीबत बने हैं। दिन रात फसलों की रखवाली करने के बावजूद ये मवेशी फसलों बर्बाद कर देते हैं। मवेशियों के झूंड निकने से फसलें टूट जाती हैं। किसानों ने प्रशासन से आवारा गोवंश और नीलगायों को पकड़वाने की मांग की है।
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किसान किशन स्वरूप तिवारी ने बताया कि आवारा गोवंश में विदेशी नस्ल के गोवंश की संख्या अधिक है। किसान राम सिंह और जंडेल सिंह ने बताया कि गेहूं, सरसों, चना आदि की फसलों को आवारा गोवंश के साथ नीलगाय नुकसान पहुंचा रहे हैं। मवेशी तारों की बाड़ तोड़कर खेतों में घूस जाते हैं। किसानों ने बताया कि एक एकड़ में बाड़ लगाने में पांच से सात हजार रुपये खर्चा आता है।
किसानों ने बताया कि आवारा गोवंश पालतु हमला कर पशुओं और किसानों को जख्मी भी कर रहे हैं। खेतों से मवेशी भगाते समय किसानों में आए दिन विवाद भी हो रहे हैं।
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खेतों से भगाए गए आवारा गोवंश सड़क पर दौड़ लगाते हैं। रात के समय सड़क पर दौड़ते अन्ना गोवंश के कारण हादसे हो जाते हैं। हादसों में गोवंश के जख्मी होने पर गो सेवक प्रदर्शन करते हैं लेकिन आवारा घूम रहीं गायों की कोई सुध नहीं ले रहा है।
आवारा गोवंश से बाजार में भी समस्या बने हैं। दुकानदार संपूर्णानंद पोरवाल, राजेश कुमार तिवारी और राहुल शर्मा आदि ने बताया कि आवारा पशुओं के कारण अक्सर जाम लग जाता है। राहगीरों पर गोवंश हमला भी कर देते हैं।
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