फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वायुसेना की टीम ग्वालियर ले गई विमान के फ्यूल टैंक

विज्ञापन
विज्ञापन
चकरनगर (इटावा)। सहसों थाना क्षेत्र के आंख डांडा व रघापुरा गांव के बीच खेत में गिरे लड़ाकू विमान मिराज 2000 के फ्यूल टैंकों को भारतीय वायु सेना की टीम बृहस्पतिवार की रात ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन लेकर चली गई।
विज्ञापन

रात में टीम गांव पहुंची थी। स्थानीय लोगों ने सेना कर्मियों से जानना चाहा कि टैंक में पेट्रोल भरा था या नहीं। इस पर सैन्य कर्मी चुप्पी साधे रहे। बाद में फ्यूल टैंकों को ट्रक पर लादकर अपने साथ ले गए।
प्रशिक्षण उड़ान पर निकला वायुसेना का लड़ाकू मिराज विमान बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मनकाबाग गांव में क्रैश हो गया था। विमान क्रैश होने के साथ ही हवा में कई हिस्सों में बिखर गया था। उसमें आग भी लग गई थी।
विज्ञापन

उसका मलबा घटनास्थल और उसके निकट मध्य प्रदेश की सीमा से सटे इटावा के रघापुरा गांव में मिला था। विमान के दो फ्यूल टैंक इटावा जिले के आंख डांडा व रघापुरा गांव के बीच एक खेत में गिरे थे।
टैंक की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे किसान रामनरेश के हाथ और पैर में चोटें आईं थी, जिससे बेहोश भी हो गए थे। सूचना पाकर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने विमान के फ्यूल टैंकों को सुरक्षित रखने के लिए वहां पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया था, ताकि कोई टैंकों को क्षति न पहुंचा सके।
साथ ही ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन के अधिकारियों को दी गई थी। सहसों थानाध्यक्ष तेज सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात आठ बजे ग्वालियर से एयर फोर्स के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम अपने वाहनों से रघापुरा गांव पहुंची।
टीम ने चार घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस की मदद से दोनों टैंकों को रस्सी से खेतों से खींच कर सड़क पर खड़े सेना के ट्रक में लादा। रात करीब 11 बजे टीम टैंकों को लेकर ग्वालियर चली गई।
इस दौरान लोगों ने पूछा कि फ्यूल टैंक खाली थे या पेट्रोल भरा हुआ था। इस पर सेना के लोग चुप्पी साधकर अपना काम करते रहे। खेत में गिरे विमान के फ्यूल टैंक देखने के लिए तब तक लोगों का जमावड़ा लगा रहा, जब तक टैंक लेकर वायुसेना की टीम यहां से चली नहीं गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें