डा भीमराव अंबेडकर संयुक्त चिकित्सालय पुरुष में बजट के अभाव में संकट के बादल छा गए हैं। अस्पताल में संविदा पर कार्यरत 50 वार्ड ब्वायों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। ऐसे में अस्पताल के मरीजों को भी परेशानी हो रही है। तीमारदारों को ही स्ट्रेचर खींचने पड़ रहे हैं।
जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की देखरेख व अन्य व्यवस्थाओं के लिए वार्ड ब्वाय के 100 पद सृजित हैं। इनमें से सिर्फ 34 वार्ड ब्वाय स्थायी है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने 50 वार्ड ब्वाय को संविदा पर तैनात किया था। इन्हें अस्पताल को शासन से मिलने वाले मजदूरी कार्य के बजट से पैसा दिया जा रहा था। दो दिन पूर्व अस्पताल प्रशासन ने इन सभी वार्ड ब्वायों को अस्पताल से बाहर कर दिया। कारण ये है कि दो माह से अस्पताल को मजदूरी का बजट नहीं मिला है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन के सामने वार्ड ब्वायों को पैसा देने की समस्या रही। उसके सामने सिर्फ एक ही रास्ता बचा और 50 वार्ड ब्वायों को काम से हटा दिया। इससे यहां आने वाले मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड ब्वाय की कमी के चलते गंभीर रूप से घायल मरीजों को एंबुलेंस से इमरजेंसी तक स्ट्रेचर से पहुंचाने के लिए तीमारदारों को ही आगे आना पड़ रहा है।