इटावा। ढाई महीने में विपणन विभाग न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 47 किसानों से ही गेहूं खरीद पाया। 20 क्रय केंद्रों पर 154 मीट्रिक टन गेेहूं की खरीद की गई। 38 क्रय केंद्रों पर खरीद की बोहनी तक नहीं हो पाई।
एक अप्रैल को 58 क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू की गई थी। समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विटंल है जबकि खुले बाजार में शुरुआत में भाव दो हजार से 2200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा था। इससे किसानों का रुख आढ़तों की ओर रहा। एक महीना पहले गेहूं के निर्यात पर रोक लगने के बाद भाव दो हजार रुपये से कम हो गए। इसके बावजूद क्रय केंद्रों पर सन्नाटा ही रहा।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने बताया क्रय केंद्रों पर 15 जून तक खरीद होनी है। 590 किसानों ने पंजीयन कराया, इसमें 47 किसानों ने ही गेहूं बेचा। 543 किसानों ने गेहूं बेचने नहीं आए। लक्ष्य का 22 फीसदी ही गेहूं खरीदा जा सका है।
पिछले साल 65 हजार मीट्रिक टन हुई थी खरीद
इस वर्ष जनपद को चार हजार क्विंटल बढ़ाकर गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था, जो 69 हजार मीट्रिक टन था। गेहूं का समर्थन मूल्य भी 40 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 2015 कर दिया था। खरीद के लिए 58 क्रय केंद्र बनाए गए थे। 2021 की करें तो 62 क्रय केंद्रों पर 65 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। बीते वर्ष 1560 किसानों ने क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन पंजीकरण कराया था।