इटावा। जिले में वायरल बुखार व डेंगू का प्रकोप थमा नहीं है। सरकारी अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में मरीजों का आने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओपीडी में बुखार के 167 मरीज आए, जबकि डेंगू से 16 नए मरीजों को भर्ती किया गया।
वहीं जिला अस्पताल की ओपीडी 910 मरीज पहुंचे। इनमें 428 मरीज वायरल बुखार व डेंगू के लक्षणों वाले रहे। हालांकि, बृहस्पतिवार को जिले में बुखार से मौत की खबर सामने नहीं आई है।
मेडिकल यूनिवर्सिटी के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. आदेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को ओपीडी में बुखार के 168 मरीज आए, जबकि डेंगू के 16 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। इतने ही मरीजों की अस्पताल से छुट्टी भी की गई।
इस समय डेंगू वार्ड में 35 मरीज डेंगू के भर्ती हैं। इनमें डेंगू के 21 मरीज इटावा के है। बाकी मरीज औरैया, फिरोजाबाद, मैनपुरी व आसपास के अन्य जनपदों के हैं। मलेरिया ग्रसित कोई मरीज नहीं है।
अभी तक जिले के सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों के अलावा इटावा, मैनपुरी, औरैया, फर्रुखाबाद व आसपास के अन्य जिलों से मेडिकल यूनिवर्सिटी में बुधवार तक 291 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
अभी तक यूनिवर्सिटी में 1253 टेस्ट हुए। इनमें 358 डेंगू पाजिटिव निकले, जिनमें 291 भर्ती किए गए हैं। उधर, चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि जुलाई से अक्तूबर के बीच डेंगू तेजी से फैलता है।
इसकी वजह मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल परिस्थितियां होना है। डेंगू का मच्छर सुबह के समय डंक मारता है। इसके तीन से पांच दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण नजर आने लगते हैं। उधर, जिला अस्पताल की ओपीडी में कई रोगों के 910 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
इनमें 428 मरीज बुखार व डेंगू लक्षण वाले रहे। 80 मरीजों की डेंगू की कार्ड से जांच कराई गई, जबकि 42 सैंपल जांच के लिए सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी भेजे गए हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को डॉक्टरों ने सैफई मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
बचाव के उपाय
घर से बाहर निकलें तो फुल पैंट और शर्ट पहनकर निकलें, कूलर का पानी दो-तीन दिन बाद अवश्य बदल दें, घर के आसपास नालियों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराएं, घर में पानी में फिनाइल या कोई अन्य कीटनाशक डालकर प्रतिदिन पोछा लगाएं, हल्के रंग के कपड़े पहनें। तेज परफ्यूम से बचें, सोने से पहले हाथ पैर और शरीर के खुले हिस्सों पर विक्स लगाएं।
टेंट की दुकान में मिला डेंगू का लार्वा
ऊसराहार के भरथना रोड पर बुखार से मंगलवार को हुई दो लोगों की मौत के बाद बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम ने मृतकों के घरों के आसपास से सैंपल लिए।
मृतका नीरज के घर के पास स्थित एक टेंट हाउस में मच्छरों के लार्वा मिले। टेंट के बर्तनों में मच्छरों के लार्वा की टीम ने सैंपलिंग की। एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया। ऊसराहार के भरथना रोड के छह से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. उदय प्रताप ने बताया कि दोनों के घरों के आसपास काफी गंदगी पड़ी मिली। टीम ने सैंपलिंग की, तो मच्छरों के लार्वा मिले हैं। वहां पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है।
लाइन पार इलाके का हाल बेहाल
शहर के लाइन पार के अड्डा ऊसरा क्षेत्र की गलियों में नालियों का पानी सड़क पर भरा है। पालिका की अनदेखी से क्षेत्र के कई लोग वायरल बुखार की चपेट में आ गए हैं। लोगों का कहना है कि पालिका की लापरवाही से साफ-सफाई नहीं हो रही है और न ही जल निकासी की व्यवस्था है।
बुखार से क्षेत्र की राजकुमारी, कृष्णा देवी, प्रियंका, सक्षम, रामदुलारी, दीपा, माया देवी आदि पीड़ित हैं। इनका निजी डॉक्टरों से इलाज चल रहा है।