अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। बसपा सरकार के अंबेडकर गांव और सपा शासन के लोहिया गांवों की तर्ज पर प्रदेश की योगी सरकार ने भी गांवों के सूरत बदलने का बीड़ा उठाया है। योगी सरकार ने मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के जरिए गांवों को विकसित करने का निर्णय लिया है। शासन से गाइडलाइन आने के बाद अब गांवों का चयन किया जाएगा।
इस योजना के अंतर्गत चयनित गांवों में संपर्क मार्ग, सड़क, विद्युतीकरण, पेयजल, ग्राम के अंदर खड़ंजा, नाली निर्माण, कल्याणकारी लाभार्थीपरक योजनाएं, पेंशन, स्वास्थ्य, राशन कार्ड, शिक्षा, आवास, स्वच्छता, कौशल विकास, आजीविका एवं कृषि योजनाएं चलाई जाएंगी। मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना के तहत चयनित गांवों को 17 कार्यदाई संस्थाएं संतृप्त करेंगी। योजना के तहत उन गांवों का चयन किया जाएगा। गांव में संपर्क मार्ग, सड़क, विद्युतीकरण, पेयजल, ग्राम के अंदर खड़ंजा, नाली निर्माण के साथ कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी ग्रामीणों को दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना से संबंधित शासनादेश आ गया है। गांवों के चयन को लेकर खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। जल्द ही गांवों का चयन करके शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के उपरांत गांवों के संतृप्तीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। पीके श्रीवास्तव, सीडीओ इटावा
- गांवों के चयन के लिए शासन ने दी गाइड लाइन