उत्तर प्रदेश के एटा में बीती 10 नवंबर की रात महेशचंद्र निवासी खिरिया परामान, थाना नयागांव को गोली मारी गई थी। बहनोई सुरेशचंद्र शर्मा के बेटे शिवम ने साजिश रची। बीमारी से महेशचंद्र की मौत होने के बाद ससुरालीजन को हत्या के आरोप में फंसाने के लिए उसने उसे गोली मारी। मंशा मौत को हत्या का रूप देने की साजिश की थी। लेकिन, इसमें वह पिता-पुत्र खुद ही फंस गए।
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मामला जैथरा थाना क्षेत्र के परौली सुहागपुर गांव का है। एसएसपी रोजश कुमार सिंह ने बताया कि शिवम की पत्नी शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल नहीं आ रही थी। उस पर किसी और से संबंध होने का आरोप लगाया था। उसे पाने के लिए एक मुकदमा भी दीपक उर्फ शिवम ने दर्ज कराया था। जो अदालत में विचाराधीन है।
फैसला करने के नाम पर शिवम की पत्नी पर 10 लाख रुपये मांगने का भी आरोप लगाया था। इसके चलते ही फंसाने की साजिश पिता-पुत्र ने रची। इसके तहत 10 नवंबर की रात करीब 8 बजे बीमारी से सुरेश के साले महेश की मौत हो गई। हाथ में ड्रिप भी लगी हुई थी, लेकिन मौत के कुछ ही देर में पिता पुत्र ने तमंचा से मृत शरीर में गोली मार दी।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई कि कार में सवार बेटा का ससुर रामशंकर व साला शिवांशू सहित छह लोग आए और हत्या करके चले गए। जबकि उस पर चाकू से हमला किया गया। महेश लंबे समय से अपनी बहन अवधेशा कुमारी के घर रह रहा था।
एसएसपी ने बताया कि सुरेश ने अपने शरीर पर ऑपरेशन करने वाले ब्लेड से डॉ. रनवीर से निशान बनवाए थे। इसको भी साजिश में शामिल होने पर गिरफ्तार किया गया है। पिता-पुत्र सहित तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों से गोली चलाने वाला तमंचा व कारतूस भी बरामद हुआ है।