एटा। थाना मिरहची क्षेत्र के गांव दौलतपुर खंगारपुर में महिला ने 10 दिन पहले विषाक्त पदार्थ खाया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पिता ने बेटी के ससुरालीजन पर हत्या का आरोप लगाया है।
उजीर सिंह निवासी घुमरिया थाना रिजोर ने बताया कि 5 वर्ष पूर्व बेटी बीना देवी (30) की शादी मिरहची थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर खंगारपुर निवासी देवेंद्र के साथ की थी। अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था। मगर बेटी की सास सुखदेवी उसको आए दिन परेशान करती थी। मां के कहने पर देवेंद्र मेरी बेटी के साथ गालीगलौज करता था। बीना के भाई विपिन कुमार ने बताया कि 28 अप्रैल का शाम को इन लोगों ने बहन को विषाक्त पदार्थ खिला दिया। तबीयत बिगड़ी तो यह लोग उसको छोड़कर भाग गए।
29 अप्रैल को आसपास के लोगों ने हमें बहन की हालत खराब होने की जानकारी दी। जिसके बाद हम लोग वहां पहुंचे और बीना की हालत को गंभीर देखते हुए आगरा एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। 7 मई को चिकित्सकों ने उसकी हालत में सुधार न होने पर दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में बीना देवी ने दम तोड़ दिया।
मौत के बाद परिजन ने थाना मिरहची पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आए। उजीर सिंह का कहना है कि अगर ससुराल वालों का कोई हाथ नहीं है तो फिर हमारी बेटी को गंभीर अवस्था में छोड़कर क्यों भाग गए? थाना प्रभारी केके लोधी ने बताया मामले में दी गई सूचना के आधार पर मृतका का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद परिजन जो तहरीर देंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
युवती समेत दो ने खाया विषाक्त पदार्थ
एटा। कस्बा व थाना बागवाला निवासी श्वेता ने नोएडा जाने की मना करने पर विषाक्त पदार्थ खा लिया। पिता अमरपाल ने बताया कि मंगलवार को श्वेता अपने भाई ओपेंद्र के साथ नोएडा जाने की जिद कर रही थी। मैंने कहा कि अभी नहीं बाद में फिर कभी चली जाना। इसी बात से नाराज होकर उसने घर पर रखी हुई चूहेमार दवा खा ली। उसकी हालत बिगड़ने लगी तो हम लोग मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जहां उपचार के बाद स्वास्थ्य में लाभ होने पर घर ले आए। वहीं फिरोजाबाद जिले के गांव नगला स्वामी थाना एका निवासी धनवीर ने घर में कहासुनी हो जाने के बाद विषाक्त पदार्थ खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ने गई। जानकारी होने पर परिजन उसको लेकर मेडिकल कॉलेज एटा पहुंचे। जहां उपचार के बाद सेहत में सुधार होने पर घर ले गए। संवाद