एटा। शहर के एक क्लीनिक में शनिवार रात प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद महिला की भी हालत बिगड़ गई। परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिले में झोलाछाप व बिना जानकारी के प्रसव कराने वाले चिकित्सक लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। इसकी वजह से आए दिन प्रसूता या नवजात की मौत के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को देर रात देखने को मिला। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नगला मुई निवासी सत्यवीर ने बताया कि शनिवार की सुबह गर्भवती पत्नी पूनम (36) को प्रसव पीड़ा होने लगी। ज्यादा दिक्कत होने पर हम उसको लेकर शाम के समय अशोक बिहार स्थित एक निजी चिकित्सक के क्लीनिक पर पहुंचे। जहां प्रसव के दौरान मृत बच्ची का पैदा होना बताया गया। उसको लेकर हम लोग गांव में अंतिम संस्कार करने चले गए। पूनम को भी घर ले आए।
रात लगभग 10 बजे पूनम की भी तबीयत खराब होने लगी। इसको देखकर हम तुरंत ही मेडीकल कॉलेज लेकर पहुंचे। मगर तब तक देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसको मृत घोषित कर दिया। पति ने निजी चिकित्सक पर प्रसव में लापरवाही का आरोप लगाया। हालांकि कार्रवाई के लिए पुलिस या थाने में कोई सूचना नहीं दी। सीओ सिटी विक्रांत द्विवेदी ने बताया कि अभी तक किसी प्रकार की तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। अगर तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इलाज या प्रसव में लापरवाही हुई है और क्लीनिक वैध नहीं है तो कार्रवाई कराई जाएगी।