एटा। जिले में मंगलवार को परिवहन व्यवस्थाएं चौपट हो गईं। रोडवेज की 42 बसों सहित करीब 200 बसें पीएम के कार्यक्रम में अलीगढ़ भेजी गईं। ऐेसे में लोग सफर करने के लिए घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे। बाद में छोटे डग्गामार वाहनों में धक्के खाने को मजबूर हुए।
मंगलवार को प्रधानमंत्री का अलीगढ़ में कार्यक्रम था। जिसमें जिले से करीब 200 बसों को भेजा गया। इनमें परिवहन निगम की 42 बसें और अन्य प्राइवेट बसें रहीं। बड़ी संख्या में जिले से बसों के जाने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्यों तक जाने के लिए भटकना पड़ा। आलम यह था कि दिल्ली की ओर जाने के लिए निगम ही नहीं, प्राइवेट बसें भी नहीं मिल रही थीं। यात्रियों को दो से तीन घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ रहा था।
विभिन्न रूट पर दोपहर तक गईं 28 बसें
आम दिनों में डिपो से दिल्ली, अलीगढ़, आगरा, कासगंज, बरेली, मथुरा, हरदोई, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, इटावा, शिकोहाबाद, अलीगंज, कन्नौज, कानपुर आदि रूट पर बसें भेजी जाती हैं, लेकिन मंगलवार को चुनिंदा रूट पर डिपो व अनुबंधित मिलाकर 28 बसें दोपहर तक भेजी गईं।
जीटी रोड से लेकर अंदर तक यात्रियों की रही भरमार
मंगलवार को बसों के अभाव के कारण जितनी भीड़ बस स्टैंड के टीनशेड में थी। उससे कहीं अधिक भीड़ जीटी रोड के किनारे बसों के इंतजार में खड़ी थी। छोटे रूट पर जाने के लिए यात्रियों ने मैक्स, पिकअप आदि डग्गामार वाहनों सहारा लिया।
सूने-सूने नजर आए प्राइवेट बस अड्डे
रोडवेज के अलावा शिकोहाबाद रोड, अलीगंज रोड, सकीट रोड, ठंडी सड़क पर संचालित प्राइवेट बस अड्डे भी सूने-सूने नजर आए। इक्का-दुक्का बसें ही चक्कर काट रही थीं।