एटा। जिले में 11 और 12 सितंबर को अतिवृष्टि हुई थी। इस बीच मनरेगा ने खेल कर दिया और करीब 1349 मजदूरों की पोर्टल पर फीडिंग कर दी गई। इस फर्जीवाड़े का कारनामा सामने आया तो अब विभाग की फजीहत हो रही है। फर्जी तरीके से दर्शाए गए कार्य में जिम्मेदारों की गर्दन फंस सकती है।
मंत्रालय ग्रामीण विकास विभाग के पोर्टल एनएमएमएस पर 11 सितंबर को 264 कार्य 936 मजदूरों की ओर से कराए दर्शाए गए हैं। जबकि 12 सितंबर को 110 कार्य 413 मजदूरों ने किए हैं, ऐसा पोर्टल पर दिखाया गया है। सवाल खड़ा हो रहा है कि जब अतिवृष्टि के दौरान जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा है तो मनरेगा के काम कैसे होते रहे? ऑनलाइन दर्ज किए गए आंकड़ों के माध्यम से आंकड़ेबाजी के मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है।
सीडीओ डाॅ. अवधेश कुमार बाजपेयी ने बताया कि पोर्टल पर ब्लॉक स्तर से हाजिरी लेकर भरी जाती है। संभवत: गड़बड़ी ब्लॉक स्तर से हुई है। मामला संज्ञान में आया है, हाजिरी को शून्य कराया जाएगा। जिम्मेदारों ने भी लापरवाही दिखाई है, इसको लेकर जवाब तलब किया जाएगा।
प्रदेश में मिली थी दूसरी रैंक
हाल ही में सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग जारी की गई थी। इसमें एटा जिले को मनरेगा कार्यों में प्रदेश में दूसरी रैंक मिली थी। विभागीय अधिकारियों ने इस पर खुशियां भी मनाईं, लेकिन फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद इस रैंक पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।