कासगंज में उफान पर बह रही गंगा
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पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई बारिश से गंगा नदी के जलस्तर में फिर से वृद्धि हुई है। कासगंज जिले में पिछले 24 घंटों में 10 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। जलस्तर में तटीय आबादी को वृद्धि से कोई खतरा नहीं है, लेकिन जगह-जगह बाढ़ का पानी भरा रहने के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उमस भरी गर्मी के हालातों से संक्रामकों का खतरा बढ़ रहा है।
गंगा नदी में बीते दिनों जलस्तर बढ़ जाने के बाद लो फ्लड के जब हालात बने तो पानी कई गांव की आबादी तक पहुंच गया। गांव बमनपुरा, किलौनी, किसौल, अजीतनगर, उलाईखेड़ा सहित कई गांव की आबादी तक पानी पहुंचा। तब भी ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ गईं, लेकिन पिछले 5 दिनों से गंगा के पानी में कमी आई तो बाढ़ का पानी तो लौट गया, लेकिन निचले इलाकों और गड्ढों में पानी भरा रह गया। जिससे जगह जगह कीचड़ के हालात बन गए।
अब फिर से गंगा नदी के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। यदि इसी तरह वृद्धि हुई तो फिर से बाढ़ के हालात बन सकते हैं। तटीय इलाके के ग्रामीण भी कटान की आशंका को लेकर भयभीत हैं। अभी तक बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता नहीं है। पशु चिकित्सा विभाग भी गंगा के तटीय इलाकों में पशुओं में संक्रामकों की रोकथाम को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे।