खंड सकीट के सलेमपुर खेड़िया गांव में मिट्टी का नमूला लेते कृषि विभाग के कर्मचारी मौजूद उप कृष
एटा। विकास खंड सकीट के गांव सलेमपुर खेरिया में बुधवार को विशेष मृदा नमूना संग्रहण अभियान आयोजित किया गया। कृषि विशेषज्ञों की टीम ने किसानों के खेतों से वैज्ञानिक पद्धति के अनुसार मिट्टी के नमूने एकत्रित किए और उन्हें मृदा परीक्षण के लाभ के बारे में जानकारी दी।
उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने किसानों को बताया कि बिना परीक्षण के उर्वरकों का अत्यधिक असंतुलित उपयोग न केवल खेती की लागत बढ़ाता है बल्कि भूमि की उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। अभियान के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की जानकारी भी दी गई। बताया कि मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध कराया जाता है जिसमें खेत की मिट्टी में उपलब्ध पोषक तत्वों की स्थिति और आवश्यक उर्वरकों की मात्रा का उल्लेख होता है।
उप कृषि निदेशक ने किसानों से मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार ही उर्वरकों का प्रयोग करने का आह्वान किया। भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के प्रभारी आशुतोष कुमार, क्षेत्रीय कार्मिक रोहन सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य कर्मचारियों ने किसानों को मिट्टी के नमूने लेने की वैज्ञानिक बताई। किसानों के प्रश्नों का समाधान करते हुए मृदा संरक्षण एवं पोषक तत्व प्रबंधन के महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए।