मेडिकल कॉलेज की नाली के पानी में लेटा हुआ झुलसा साधु। संवाद
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एटा। आग से झुलसे एक साधु को मेडिकल कॉलेज में इलाज नहीं मिला। सोमवार को वह नाली के पानी में कराहता हुआ मिला। उसका आरोप है कि अस्पताल में भर्ती करने के बाद उपचार नहीं दिया गया। गार्डों ने धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। शरीर की जलन से परेशान वह नाली में बह रहे पानी में लेट गया।
थाना जैथरा क्षेत्र के गांव गौशलपुरा निवासी 55 वर्षीय रामजी लाल (साधु) ने बताया कि वह बृहस्पतिवार की शाम खाना बनाते समय झुलस गया था। इसके बाद रात में ही जैथरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। वहां से शुक्रवार सुबह मेडिकल कॉलेज एटा के लिए रेफर कर दिया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर दिया गया। आरोप है कि सर्जिकल वार्ड में तैनात चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को शरीर में जलन होने की बात बताई, लेकिन कोई दवा नहीं दी गई।
अधिक जलन होने पर पानी से नहा लिया। इस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने वार्ड से निकाल दिया। शनिवार शाम गेट पर तैनात गार्डों ने डंडे भी मारे और धक्का देकर बाहर कर दिया। तबसे वह उपचार के लिए भटकता रहा। सोमवार को शरीर में जलन अधिक होने पर मजबूरी में मेडिकल परिसर में ही बर्न वार्ड के सामने बह रही नाली में लेट गया ताकि जलन शांत हो सके।