एटा में महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से 151 आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र बनाया जाएगा। देखभाल व निरीक्षण के लिए इन केंद्रों को जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों को गोद दिया गया है। महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चे, 11 से 14 वर्ष की स्कूल न जाने वाली किशोरी, बालिकाओं तथा गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण व अनुपूरक पुष्टाहार वितरण का कार्य किया जाएगा।
जनप्रतिनिधि समेत अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्र गोद देकर इन्हें आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र के रुप में विकसित किया जाना है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को कुपोषण मुक्त करना है। साथ ही केंद्रों में पंजीकृत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए अनौपचारिक शिक्षा के स्तर में सुधार करना है।
एक विधायक को गोद दिए तीन आंगनबाड़ी केंद्र
जिले में चारों विधानसभा के विधायकों को कुल 12 आंगनबाड़ी केंद्र गोद दिए गए हैं। जिन्हें आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बनाया जाना है। अलीगंज विधायक सत्यपाल सिंह राठौर को दहेलिया पूठ, बनी व दाउदगंज आंगनबाड़ी केंद्र गोद दिया गया है। इसी तरह सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड को बाकराबाद, मधूपुरा, नैनपुर केंद्र, मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी को श्यौराई, नगला मंशी, अमीरपुर और जलेसर विधायक संजीव दिवाकर को मिसौली, हसनगढ़ व हसनगढ़ द्वितीय आंगनबाड़ी केंद्र गोद दिया गया है। जो निरीक्षण कर सभी मानकों को पूरी तरह लागू कराएंगे।
शासन के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई
जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं। करीब 151 आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों को भी आंगनबाड़ी केंद्र गोद दिए गए हैं।