एटा। जेल में निरुद्ध एक बंदी की 24 जुलाई को एचआईवी की जांच हुई थी। इसमें वह पॉजिटिव बताया गया था। बंदी के कहने पर उसकी दूसरी जांच 12 सितंबर को कराई गई। जिसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। अब मंगलवार को उसकी तीसरी जांच हुई। रिपोर्ट चिकित्सकों को संदिग्ध लगी। सूत्रों की माने तो बंदी की अब आगरा में एक अन्य जांच कराई जाएगी।
गैंगस्टर के मामले में एक युवक करीब 4 वर्ष से एटा जेल में निरुद्ध है। दो माह पहले उसे बुखार आया लेकिन वह जेल में ठीक नहीं हुआ। उसे मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसकी एचआईवी की जांच लिखी थी। इसमें बंदी एचआईवी पॉजिटिव आया था। इसके बाद उसका इलाज शुरू कर दिया गया, लेकिन बंदी को रिपोर्ट पर भरोसा नहीं था। उसने जेल अधिकारियों से कहा उसे एचआईवी नहीं हो सकता है। जेल अधिकारियों ने उसकी 12 सितंबर को फिर से जांच कराई जिसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
इसके बाद जांच की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए थे। वहीं जेल प्रशासन ने भी स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा था। मंगलवार को चिकित्सक की देखरेख में उसकी तीसरी जांच की गई। सूत्रों की माने तो जांच रिपोर्ट संदिग्ध आई है। जिसके बाद उसकी जांच आगरा या फिर दिल्ली में कराई जाएगी। नोडल अधिकारी एचआईवी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया मंगलवार को बंदी की जांच चिकित्सक की देखरेख में कराई गई है। रिपोर्ट क्या रही इस मामले में बुधवार को चिकित्सक से बात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो आगरा जांच कराई जाएगी।