एटा। ईरान-इस्राइल और अमेरिका के युद्ध और खाड़ी देशों में तनाव से चिकोरी कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। एटा में चिकोरी का एक्सपोर्ट 70 प्रतिशत तक कम हो गया है। कारोबारियों को करोड़ों रुपये का घाटा पहुंचा है। जहाजों का आवागमन बंद होने से यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों को काॅफी के कच्चे माल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे घमासान का असर भारत के कारोबार पर भी पड़ा है। इस जंग ने एटा के निर्यातकों की नींद उड़ा दी है। यहां से देश के साथ ही अमेरिका, रूस, यूरोप, दक्षिण अफ्रीका समेत करीब 17 देशों को चिकोरी भेजी जाती है। स्थानीय निर्यातक अजय चतुर्वेदी के अनुसार चिकोरी कारोबार पिछले चार-पांच माह से प्रभावित है। युद्ध के माहौल के कारण 70 प्रतिशत तक निर्यात रुक गया है। ऑर्डर निरस्त हो रहे हैं। चूंकि खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी अधिकतम छह महीने तक होती है। युद्ध के कारण कमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति कम होने का भी असर देखा जा रहा है।
महंगा हो गया भाड़ा, कारोबार पर असर
एक्सपोर्ट बंद होने से कारोबार पहले से ही प्रभावित है। वहीं पेट्रोल डीजल की महंगाई के कारण इसका भाड़ा भी बढ़ गया है। एटा से चिकोरी केरल, गुजरात और अन्य राज्यों में कॉफी कंपनियों के प्लांटों को भेजी जाती है। वहीं बंदरगाहों के लिए भी माल यहां से जाता है। ट्रांसपोर्ट भाड़ा बढ़ने से भी कारोबार पर असर पड़ा है।