एटा। नगर पालिका परिषद के कारनामे खुलकर सामने आ रहे हैं। साल 2020 में 14वें वित्त से करीब 51 कार्यों का टेंडर जारी किया गया। जिसमें पालिका ने कुछ कार्य कराए तो कुछ का निर्माण कार्य होने से पहले ही भुगतान कर दिया गया। इस तरह से करीब 20 लाख रुपये से अधिक का भुगतान कार्य से पहले कर खेल कर दिया गया।
नगर पालिका परिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में 14वें वित्त से 51 टेंडर जारी किए थे। इसमें नगर पालिका ने शहर के विभिन्न नालों पर जाली फिक्सिंग के कार्य के लिए 12 लाख रुपये का टेंडर जारी किया था, लेकिन अभी तक शहर के किसी भी नाले पर जाली फिक्सिंग का कार्य नहीं कराया गया है। जबकि संबंधित ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया है। इसी तरह शहर के बाबूगंज बाजार स्थित रेवतीराम मार्केट में करीब 2 लाख 20 हजार रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग के कार्य का टेंडर किया गया था, लेकिन नगर पालिका ने यहां पर इंटरलॉकिंग की जगह सीसी निर्माण करा दिया।
सवाल उठाए जाने पर जिलाधिकारी के अनुमोदन का हवाला देते हुए मामला टाल दिया। वहीं नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 12 में इंटरलॉकिंग का कार्य कराया जाना था जो अभी तक नहीं कराया गया है। जबकि ईओ 14वें वित्त से होने वाले सभी कार्य पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं।