एटा। जी हां, राशन कोटों से सरकारी राशन के अलावा अब ई-स्टांप भी मिलेगा। कोटों को जनसेवा केंद्र के रूप में संचालित करने की कवायद शुरू की गई है। जहां ई-स्टांप के अलावा राशन कार्डों के आवेदन, विभिन्न योजनाओं में आधार लिंकेज आदि सुविधाएं भी लोगों को गांव-मोहल्लों में मिल सकेंगी।
अभी तक राशन की उचित दर विक्रेताओं की दुकानों पर बिजली बिल जमा करने की अतिरिक्त सुविधा लोगों को दी जा रही थी। अब इससे आगे बढ़कर इन दुकानों को जनसेवा केंद्र का रूप दिया जा रहा है। जिले में कुल मिलाकर 805 दुकानें हैं। हर विकासखंड क्षेत्र से कंप्यूटर प्रशिक्षित राशन डीलरों की सूची बनाई जा रही है। इन लोगों को किसी जनसेवा केंद्र पर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद केंद्र पर आम लोगों को दी जाने वाली सेवाएं राशन डीलर अपनी दुकानों से लोगों को उपलब्ध कराने लगेंगे।
कोटों से अतिरिक्त आय की बढ़ी उम्मीद
राशन वितरण में गड़बड़ियों पर शिकंजा कसने के बाद तमाम डीलरों का मोह कोटों से भंग होने लगा है। केवल राशन बांटने में कमाई बेहद कम रह गई है। ऐसे में जनसेवा केंद्र वाली सेवाओं का उन्हें अधिकार मिलेगा, तो उनकी अतिरिक्त आय बढ़ जाएगी। इससे डीलरों को इस पहल से काफी उम्मीदें हैं।