एटा। थाना पिलुआ क्षेत्र के गांव भदवास निवासी राधेश्याम की हत्या उसके ही बेटे ने कर शव को झाड़ियों में फेंका था। इसके बाद साथियों से पुलिस को खबर कराई। पांच दिन बाद पुलिस ने पुत्र सहित पांच को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। एसएसपी उदय शंकर सिंह ने वार्ता के दौरान बताया कि गांव भदवास निवासी शेर सिंह की हत्या उसके छोटे बेटे सत्यभान उर्फ छोटे ने मोबाइल के लिए रुपये नहीं देने पर की थी। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार को मामले का खुलासा करने के लिए लगाया गया था।
जांच में सब साफ होने पर सत्यभान, गांव के ही संदीप उर्फ भोला, विकास, विनोद और अजीत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सत्यभान ने बताया कि 25 मई को पिता के साथ वह और संदीप, विकास, विनोद व अजीत शराब पी रहे थे। तभी मोबाइल खरीदने के लिए रुपये मांगे। इनकार करने पर गला दबाकर हत्या कर दी और शव को गांव के बाहर झाड़ियों में फेंक दिया। 29 मई को संदीप से डायल 112 पर कॉल कराकर पुलिस को सूचना दिलवाई। एसएसपी का कहना है कि राधेश्याम छह वर्षों में छह बीघा जमीन बेच चुका है। मई में भी एक बीघा जमीन दो लाख 55 हजार में बेची थी। इसकी कुछ रकम पिता के पास रखी थी। इस रकम से ही मोबाइल खरीदने को रुपये मांगे थे।
पांच-पांच सौ रुपये तय करके पिता को लगवाया ठिकाने
एसएसपी ने बताया कि आरोपियों ने कबूल किया है कि गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए पांच-पांच सौ रुपये भोला, विकास, विनोद और अजीत को देना तय हुआ। इसके बाद पिता के हाथ-पैर गमछा से बांधकर शव को डंडा पर लटकाकर ले गए और झाड़ियों में फेंक कर फरार हो गए।
पुलिस टीम को किया जाएगा सम्मानित
एसएसपी ने बताया कि मृतक के बड़े पुत्र सुखवीर सिंह ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में बनाई गई टीम ने निष्पक्षता से जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।