एटा में पांच करोड़ से सागर ताल बनाया गया। केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने इसका लोकार्पण किया। कुछ ही महीनों में यह बदहाल हो गया। यहां गंदगी का अंबार लगा है। तो वहीं ओपन जिम के उपकरण टूट गए।
उत्तर प्रदेश के एटा जिले के जलेसर में स्थित नगरीय झील एवं पोखर संरक्षण योजना के अंतर्गत पांच करोड़ रुपये की लागत से सागर ताल तैयार किया गया। 2019 में इसका काम शुरू हुआ। अभी हैंडओवर भी नहीं हो पाया, बदहाली की चपेट में आ गया। ओपन जिम के तहत लगी कई मशीनें उखड़ गई हैं। पाथ-वे और तालाब किनारे की जाली भी कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई है।
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इसमें लोगों के टहने के लिए यहां पाथ-वे बनाया था। वर्तमान में यह कई जगह टूट गया है। ओपन जिम के अंतर्गत जो मशीनें लगाई गईं, उनमें से पांच उखड़ गईं। जो टूटी पड़ी हैं। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी यह अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। तालाब में पानी की जगह गंदगी का साम्राज्य है।
इसमें पास के ही मोहल्ला इस्लामनगर का गंदा पानी आकर गिरता है। तालाब के चारों ओर लगाई गई लोहे की जाली भी कई जगह टूट गई है। महंगे-महंगे पेड़-पौधों सहित घास तक गायब हो गई। आलम यह है कि अब अधिकांश लोगों ने गंदगी और अव्यवस्थाओं के चलते यहां आना ही छोड़ दिया है।
फव्वारा लगा ही नहीं
तालाब में लोगों के मनोरंजन के लिए पांच नाव डलवाई गई थीं। जिन पर लोग सैर-सपाटा कर सकते थे। लेकिन वर्तमान में एक भी नाव नहीं है। जबकि फव्वारा, हैलोजन लाइट लगाई जानी थी, जो लगाई ही नहीं गईं।
एक ओर जहां पालिका का दावा है कि कार्यदायी संस्था द्वारा पार्क उसे हैंडओवर नहीं किया गया है। वहीं इसका लोकार्पण इससे पहले ही कर दिया गया। नवंबर 2022 में केंद्रीय मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने विधिवत रूप से लोकार्पण किया था। साथ ही सभा भी हुई थी, जिसमें उन्होंने पार्क की विशेषताएं गिनाई थीं।
अभी नहीं हुआ हैंडओवर
ईओ लोकेंद्र सिंह ने बताया कि कार्यदायी संस्था द्वारा यह पार्क अभी पालिका के हैंडओवर नहीं किया गया है। पूरा काम नियमानुसार नहीं होगा, तब तक हैंडओवर नहीं लिया जाएगा। जो भी कमियां हैं, दूर करानी होंगी।