आरोपी की समोसे की दुकान है। वहां पहुंचकर विवेचक ने महज 6 समोसे लेकर केस की विवेचना निराधार तथ्यों पर कर दी है जबकि विवेचक ने अपनी एफआर में लिखा कि किशोरी ने वीरेश से उधार समोसे मांगे, न देने पर विवाद हुआ और द्वेषवश मनगढ़ंत आरोप लगाकर केस दर्ज कराया गया है। सुनवाई के बाद अदालत ने एफआर को निरस्त कर मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर लिया है।
यह था मामला
दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, 14 वर्षीय किशोरी 1 अप्रैल 2019 को स्कूल गई थी। दोपहर 1 बजे लौटते समय गांव का वीरेश उसे पकड़कर गेहूं के खेत में ले गया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। दो लोगों के आने पर जातिसूचक गालियां और जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया। इस मामले में पुलिस का रवैया शुरू से ही एकपक्षीय नजर आया। रिपोर्ट दर्ज न होने पर किशोरी के पिता ने अदालत के आदेश पर केस दर्ज कराया था। विवेचना में एफआर लगा दी गई। पीड़िता के पिता ने अर्जी दी तो अदालत ने 31 अगस्त 2024 को पुन: विवेचना का आदेश दिया लेकिन पुन: विवेचना में भी एफआर लगा दी गई।
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