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मेरा बूथ, सबसे मजबूत कार्यक्रम: मोदी से बात कर बोले एटा के रंजीत, सपने में भी नहीं सोचा था कि पीएम से होगी बात

Wed, 03 Apr 2024 07:03 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

मेरा बूथ, सबसे मजबूत कार्यक्रम में पीएम मोदी से बात करने के बाद एटा के रंजीत ने कहा कि सपने में भी नहीं सोचा था कि पीएम से सीधे बात होगी। 
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मेरा बूथ, सबसे मजबूत कार्यक्रम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के एटा में नमो एप के जरिए प्रधानमंत्री ने बुधवार को बूथ अध्यक्षों के साथ वर्चुअल रैली की। इस दौरान रिजोर कस्बे के रहने वाले बूथ अध्यक्ष रंजीत शाक्य से उन्होंने संवाद किया। रंजीत इसे अपने लिए बहुत बड़ा अवसर मान रहे हैं। उनका कहना है कि कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री से सीधे बात होगी।

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रंजीत, रिजोर कस्बे में ही अपनी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान करते हैं। 2014 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी और तबसे लगातार भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। रिजोर मंडल के अंतर्गत बूथ संख्या 217 जूनियर हाईस्कूल रिजोर पर उन्हें बूथ अध्यक्ष बनाया गया है। 

उन्होंने बताया कि उनके बूथ पर 757 मतदाता हैं। 65 से 70 फीसदी तक मतदान होता है। इस बार कोशिश कर रहे हैं कि यह आंकड़ा और ऊपर जाए। बताया कि बुधवार दोपहर 1 बजे करीब एक घंटे यह वर्चुअल रैली चली। इसमें प्रधानमंत्री ने बूथ अध्यक्षों से संवाद भी किया। दूसरे नंबर पर ही उन्होंने मेरा नाम बोला, जिसे सुनकर में अति उत्साहित था। 
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उन्होंने कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची प्राप्त होने, लोगों को योजनाओं की जानकारी दिए जाने, भाजपा समर्थकों को समझाने आदि के बारे में पूछा। कहा कि जो भाजपा समर्थक हैं उन्हें बताना है कि वह दिन में आधे घंटे का समय निकालकर अन्य दो लोगों से भी बात करें, तो काम हो जाएगा। कई बार सम्मान निधि की धनराशि बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी किसानों को नहीं हो पाती है। 

उन्हें बताना है कि यह धनराशि मोदी ने भेजी है। रंजीत का कहना है कि मैं तो बूथ अध्यक्ष के रूप में छोटा सा कार्यकर्ता हूं। ऐसे में इतने बड़े नेता से बात होना मेरे जीवन की बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले आज तक किसी भी बड़े नेता से मेरी सीधे बात नहीं हुई है। 

रंजीत ने कसक भी जताई कि कॉल के अंतिम दौर पर अचानक कोई तकनीकी समस्या आ गई। मेरी आवाज पहुंचना बंद हो गई। काफी कुछ और प्रधानमंत्री को बताना था जो नहीं बता सका, लेकिन जितनी बात हुई, वो ही मेरे लिए यादगार रहेगी। बताया कि मैं भी किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी हूं।

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