सकीट/जलेसर/एटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों का अभाव है। ऐसे में ये खांसी, जुकाम और बुखार की दवा तक सीमित रह गए हैं। गंभीर बीमार या घायलों को तुरंत रेफर कर दिया जाता है।
शहर से करीब 18 किलोमीटर दूरी पर सकीट है। यहां भी चिकित्सकाें की कमी के चलते खांसी, जुकाम व बुखार की ही दवा मिल रही है। यहां 7 चिकित्सकाें के स्थान पर दो चिकित्सक ही तैनात हैं। दुर्घटना में घायल को यहां मरहम-पट्टी कर रेफर कर दिया जाता है। सामान्य प्रसव तो करा दिया जाता है, लेकिन ऑपरेशन की जरुरत पड़े तो उसे रेफर करना पड़ता है। ओपीडी की बात करें तो यहां प्रतिदिन करीब 100 मरीज उपचार को पहुंचते हैं। कभी चिकित्सा अधीक्षक बैठक में चले गए तो एक चिकित्सक को ही व्यवस्थाएं देखनी पड़ती हैं।
जलेसर सीएचसी पर 7 के सापेक्ष 4 चिकित्सक तैनात हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकाें की कमी है। यहां एक दिन में करीब 500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं लेकिन यह सीएचसी भी सामान्य बीमारी से ग्रसित मरीज का उपचार करने तक सीमित है। गंभीर मरीजों को यहां से आगरा रेफर कर दिया जाता है।
एक्स-रे टेक्नीशियन न होने पर किया रेफर
जलेसर सीएचसी पर बृहस्पतिवार को दोपहर 2 बजे के बाद बाइकों की भिड़ंत में घायल सुभाष चंद्र उपचार के लिए पहुंचे। एक्स-रे टेक्नीशियन न होने के कारण एटा रेफर कर दिया गया। बताया गया 2 बजे तक टेक्नीशियन रहते हैं। जबकि सकीट सीएचसी पर गांव अंगदपुर निवासी एक युवक जहरीला पदार्थ खाकर उपचार के लिए पहुंचा। उसे प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।