एटा। जिले में अब तक 62 लोग विदेश यात्रा करके लौटे हैं। इनमें से 15 लोगों का सुराग नहीं मिल रहा है। तलाश में स्वास्थ्य टीमें जुटी हुई हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग को दिए गए विवरण में किसी का नंबर तो किसी का पता गलत है। इसकी वजह से ढूंढना मुश्किल हो रहा है, जिसके चलते संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर विदेश से आने वालों की कड़ी निगरानी की जा रही है। दिल्ली एयरपोर्ट पर एंट्री कराकर जिले में अब तक 62 लोग आ चुके हैं। इनमें से 15 लोगों ने अपने मोबाइल नंबर और पता में गड़बड़ी की है। स्वास्थ्य टीमें मोबाइल नंबरों पर संपर्क करती हैं तो गलत बताए जाते हैं। इसके अलावा टीमें उनके पतों पर स्थलीय निरीक्षण भी कर चुकी हैं। जहां वो नहीं मिले। आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा चुकी है। निगरानी समितियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। जबकि विदेश से लौटे अन्य लोगों की जांच कराई जा चुकी है। बचे हुए 15 लोगों की जांच नहीं हो सकी है। इसको लेकर ही स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. सतीश नागर ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर शासन से गाइडलाइन जारी होने के बाद जिले में अब तक 62 लोग आए हैं। इनमें से 15 लोगों तलाश की जा रही है। विदेश से आने वाले सभी लोगों की जांच एयरपोर्ट पर ही कराई जाती। निगेटिव आने पर उन्हें भेजा जाता है। लेकिन आठ दिन बाद फिर जांच कराई जाती है। उपलब्ध कराए गए विवरण में मोबाइल नंबर और पते गलत होने से उन्हें ढूंढने में दिक्कत आ रही है।