एटा। समय आ गया है, लापरवाही छोड़ अब सावधान हो जाएं। चार दिनों में सात संक्रमण के सात मामले मिलने से तय हो गया है कि कोरोना वायरस आसपास मंडरा रहा है। पिछली दोनों लहरों में भी शुरूआती केस के बाद संक्रमण में बहुत तेजी से वृद्धि हुई थी। ऐसे में भीड़भाड़ से बचाव और मास्क के इस्तेमाल को विशेषज्ञ जरूरी बता रहे हैं। 28 दिसंबर को अवागढ़ के एक व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसे अवागढ़ थाना पुलिस ने एक आपराधिक मामले में पकड़कर जेल भेजा था। जबकि इसके संपर्क में रहे पांच बंदी तथा थाने का एक होमगार्ड भी संक्रमित हो गया। 31 दिसंबर को इनकी रिपोर्ट सामने आई। एक व्यक्ति से छह लोग संक्रमित हो गए। ऐसे में संक्रमण फैलने की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जेल में मुलाकात पर रोक
जेल में बंदी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सख्ती की गई है। जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि बंदियों से मुलाकात पर रोक लगा दी गई है।
रोकथाम के लिए क्या हैं बंदिशें
- रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू
- सार्वजनिक स्थानों पर हर व्यक्ति के लिए मास्क की अनिवार्यता
- बाजारों में मास्क नहीं तो सामान नहीं के निर्देश
- दो गज की दूरी व सेनिटाइजर के प्रयोग की शर्त
- गांवों और शहरों में निगरानी समितियों को किया गया सक्रिय
- शादी समारोह आदि आयोजनों में अधिकतम 200 लोगों की इजाजत
- विदेश से आने वाले यात्रियों की टेस्टिंग और गाइडलाइन का पालन करना जरूरी
- स्कूल, कालेज तथा शिक्षण संस्थानों में मास्क, सोशल डिस्टेंस, सैनिटाइजर की अनिवार्यता
- निजी, प्राइवेट बसों में कोरोना प्रोटोकाल का अनुपालन करने के निर्देश
बरतें सावधानी
सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि ओमिक्रॉन वैरिएंट अधिक संक्रामक है। ऐसे में कोविड अनुकूल व्यवहारों का पालन करना बेहद जरूरी है। अभी नहीं कहा जा सकता कि यह वायरस शरीर पर क्या प्रभाव डालेगा और कितना घातक होगा। ऐसे में सभी लोग बचाव और सावधानी बरतें।