अब पालिका बोर्ड की बैठक में प्रतिनिधि भाग नहीं ले सकेंगे। पालिका प्रशासन ने इन पर रोक लगा दी है। इस संबंध में पत्र भी जारी कर दिया है। केवल सभासद ही परिचय पत्र के साथ बैठक में भाग ले सकेंगे। पालिका अध्यक्ष का कहना है कि यह कदम प्रतिनिधियों द्वारा बैठक में हंगामा कर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाए जाने के चलते उठाया गया है। 18 मई को होने वाली बैठक को शांतिपूर्वक संपन्न कराए जाने के लिए एसएसपी से पुलिस-पीएसी की मांग की गई है। बैठक में शहर के विकास और अन्य कार्य कराए जाने के लिए करोड़ों का बजट पारित किया जाएगा।
सांसद, विधायक, एमएलसी और सभासद के बैठक में न पहुंचने के चलते उनके प्रतिनिधि के रूप में बैठक में भाग लेने वाले लोगों पर पहली बार नगरपालिका ने रोक लगाई है। इस पर पालिका का तर्क है कि यह लोग बैठक में भाग लेकर शहर के विकास के मुद्दों पर चर्चा होने देते हैं और न ही कोई प्रस्ताव पास कराने देते हैं। केवल हंगामा होता है और एक-दूसरे पर आरोप लगाकर दुर्व्यवहार किया जाता है।
इसके चलते बैठक बीच में ही स्थगित करनी पड़ती है। सभासदों को परिचय पत्र जारी किए गए हैं। जो परिचय पत्र लेकर आएगा उसे ही बैठक में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी। दूसरी ओर, 18 मई को सुबह 11 बजे पालिका परिसर में होने वाली बोर्ड बैठक को शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराए जाने के लिए एसएसपी को पत्र लिखकर पुलिस फोस-पीएसी की मांग की गई है।
18 को बंद रहेगी पालिका
नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गांधी ने बताया कि 18 मई को होने वाली पालिका बोर्ड की बैठक में कोई व्यवधान न हो, साथ ही प्रतिनिधियों द्वारा हंगामा न किया जाए इसे देखते हुए नगर पालिका बंद रहेगी। पालिका का कोई भी कार्यालय नहीं खुलेगा।
बोर्ड बैठक में शहर के विकास के साथ-साथ सफाई व्यवस्था, नालों की मरम्मत, गलियों का निर्माण और पार्कों के सौंदर्यीकरण को लेकर प्रस्ताव पास होंगे। साथ ही प्रतिनिधियों के बैठक में भाग लेने पर रोक लगा दी है। सभासदों को परिचय पत्र जारी कर दिए हैं।
- राकेश गांधी, नगरपालिका अध्यक्ष