एटा। जिले में अभी तक डेंगू की जांच रैपिड कार्ड के जरिये की जा रही थी। जिसे पूरी तरह भरोसेमंद नहीं माना जाता है। एलाइजा टेस्ट के जरिये पुष्टि के लिए मरीजों के सैंपल अलीगढ़ भेजे जाते थे। रिपोर्ट आने में कई दिन लगते थे। अब डेंगू की यह भरोसेमंद जांच जिला अस्पताल में ही होगी। जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर आ गए हैं।
बारिश के साथ ही डेंगू का असर शुरू हो जाता है। जिले में इसकी जांच के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण इलाज में भी लापरवाही हो जाती थी। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी लैबों में भी रैपिड कार्ड के अलावा अन्य कोई व्यवस्था नहीं थी। अलीगढ़ जाने वाले सैंपल की रिपोर्ट लेटलतीफ होती थी। नई व्यवस्था के तहत अब जिले के लोगों को रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
उन्हें 2 घंटे में ही जिला अस्पताल से रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रशांत डेंगू की जांच कराएंगे। डॉ. प्रशांत ने बताया कि अस्पताल में जो संसाधन हैं, उनको देखा जा रहा है। कुछ संसाधनों की कमी है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को बताया है। जल्द संसाधन आने की उम्मीद है। इनके आते ही अस्पताल में डेंगू का एलाइजा टेस्ट शुरू हो जाएगा।