मारहरा ब्लॉक क्षेत्र में सरसों की क्रॉप कटिंग का जायजा लेते सहायक निदेशक। संवाद
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एटा। अनुकूल रहे मौसम ने सरसों का उत्पादन बढ़ा दिया है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार प्रति हेक्टेयर एक क्विंटल की वृद्धि हुई है। एक हेक्टेयर में इस साल 25 क्विंटल सरसों का उत्पादन हुआ है। यह आकलन बुधवार को लखनऊ से यहां आई टीम ने क्रॉप कटिंग के दौरान किया। पिछले साल एक हेक्टेयर में 24 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना अंतर्गत सरसों मिनी किट बीज किसानों को निशुल्क वितरित किए गए थे। अब किसान सरसों की फसल काट रहा है। जिले में सरसों का कितना उत्पादन कैसा रहा, इसका आकलन करने के लिए बुधवार को लखनऊ से टीम यहां पहुंची।
सहायक निदेशक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने सरसों के खेतों पर जाकर क्रॉप कटिंग कराई। 25 स्क्वायर मीटर की क्रॉप कटिंग में 7 किलो उत्पादन निकला। जिससे आकलन लगाया गया कि सरसों का उत्पादन बेहतर हुआ है। शीतलपुर, मारहरा, सकीट ब्लॉक में इसका मूल्यांकन किया गया। जिसमें पिछले साल की अपेक्षा इस साल अच्छा उत्पादन होने की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि मौसम अनुकूल रहने और रोग कम लगने से इस साल सरसों का अच्छा उत्पादन हुआ है। इस दौरान कृषि सलाहकार देवेंद्र सिंह, एडीएजी शीतलपुर बलवीर सिंह, एडीओ एजी सुमित कुमार आदि मौजूद रहे।