एटा। कस्बा मलावन में सोमवार देरशाम कलावती (60) पत्नी गंगा सिंह की हत्या 14 बीघा जमीन के लिए देव रमेशचंद्र ने की थी। मामले में कलावती के पुत्र रवेंद्र ने देररात मुकदमा दर्ज कराया। हालांकि अब तक पुलिस आरोपी रमेशचंद्र को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा है।
कस्बा मलावन निवासी रवेंद्र ने बताया कि उसकी दादी हेतकुमारी पत्नी वृंदावन मूल रूप से खड़ीत थाना जसराना, जिला फिरोजाबाद की रहने वाली थी। मलावन में उनका मायका था। उन्हें 26 बीघा पैतृक जमीन विरासत में मिली थी। पिता गंगा सिंह और चाचा रमेश दो भाई हैं। चाचा रमेश का आचरण सही नहीं होने और संतान नहीं होने के कारण दादी ने 10 वर्ष पूर्व आधी जमीन का बैनामा मां कलावती के नाम कर दिया।
आधी जमीन का बैनामा करीब तीन वर्ष बाद कर दिया। बाद का बैनामा दाखिल खारिज नहीं हो सका और दो वर्ष पहले दादी की मौत हो गई। आरोप है कि दादी हेतकुमारी की मौत के बाद चाचा रमेशचंद्र ने 14 बीघा जमीन की फर्जी फौती अपने नाम करा ली। इसका मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। आरोप है कि इसी बात को लेकर चाचा रमेशचंद्र ने सोमवार देरशाम मां की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी।
रमेश ने साले के पुत्र को ले लिया था गोद
हत्यारोपी रमेश के कोई संतान नहीं थी। इस पर उसने साले रनवीर निवासी कोंडरा अंगरैया थाना जैथरा के पुत्र प्रेमचंद्र को गोद ले लिया। करीब 20 वर्ष पूर्व रनवीर की पत्नी की मौत हो गई। इस पर रमेश ने रनवीर की बेटी को भी अपने पास बुला लाया। रमेश दोनों को दत्तक पुत्र-पुत्री मानकर पाल रहा था। बताया जा रहा है कि यह बात दादी हेतकुमारी को पसंद नहीं थी। इस कारण उसने पूरी जमीन का वारिस कलावती को बना दिया था।