शुभकामनाएं देकर सास-बहू के अस्पताल से डिस्चार्ज करते चिकित्सक। स्रोत परिजन
अलीगंज (एटा)। क्षेत्र के गांव रामनगर की बीनम देवी ने किडनी देकर अपनी बहू पूजा को नया जीवन दिया है। बहू की मां ने किडनी देने से मना कर दिया था इसके बाद सास ने अपनी बहू को किडनी देने का फैसला लिया।
रामनगर के अश्वनी प्रताप सिंह की शादी फर्रुखाबाद जिले के जिजौटा बुजर्ग की पूजा के साथ 27 नवंबर 2023 को हुई थी। पूजा के गर्भवती होने पर फरवरी 2025 में उसको फर्रुखाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ऑपरेशन से बेटी को जन्म देने के बाद हालत बिगड़ने पर पूजा को कानपुर ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने बताया कि संक्रमण की वजह से पूजा की दोनों किडनी 75 प्रतिशत खराब हो चुकी हैं। इस जानकारी पर पूजा के मायके और ससुराल पक्ष में बेटी के जन्म की खुशी गायब हो गईं। सभी लोग गंभीर बीमारी की खबर से सकते में आ गए।
छह दिन बाद पूजा को लखनऊ के राम मनोहर अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सकों ने उसकी जान बचाने के लिए किडनी प्रत्यारोपण की बात कही। अस्पताल में देखने पहुंची अपनी मां से पूजा ने रोते हुए अपनी नवजात बेटी का हवाला देते हुए किडनी की मांग की। हालांकि उसकी मां ने मजबूरी बताकर किडनी देने से मना कर दिया। इसके बाद उसकी सास ने किडनी देने का फैसला लिया। चिकित्सकीय परीक्षण में सास-बहू की किडनी का ग्रुप मैच होते ही चिकित्सकों ने पूजा के किडनी प्रत्यारोपण कर दी।