जलेसर में धरना और अनशन पर बैठे वकीलों से वार्ता करते एसडीएम मानवेंद्र सिंह। संवाद
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जलेसर। वकीलों द्वारा तहसील स्थित न्यायालयों का बहिष्कार और धरना 27वें दिन सोमवार को समाप्त हो गया। वह 24 अगस्त से क्रमिक अनशन भी कर रहे थे। एसडीएम के आश्वासन पर उन्होंने धरना समाप्त करने का एलान किया है। तहसील बार एसोसियेशन ने तीन अगस्त से एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालय का कार्य बहिष्कार शुरू किया था। साथ ही तहसील परिसर में धरना भी कर रहे थे। जबकि मांगें न माने जाने पर 24 अगस्त से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। सोमवार को अवकाश के बावजूद अधिवक्ता बड़ी संख्या में तहसील पहुंचे और धरना व क्रमिक अनशन जारी रखा। क्रमिक अनशन की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रकाश सिंह और संचालन जयशंकर गौड़ ने किया। अनशन पर बार अध्यक्ष रामदेव सिंह, हरिशंकर शर्मा, नरेंद्र सिंह, नेत्रपाल सिंह, सुधीर कुमार कुशवाह बैठे। इस दौरान सुरेंद्र पचौरी, विनोद उपाध्याय, सुनील यादव, जेपी सिंह राजीव सिंघल, राजेश कुलश्रेष्ठ, विजय प्रताप सिंह, राकेश यादव, द्विजेन्द्र सिंह, सुनील दीक्षित, शेर सिंह आदि रहे।
शाम के समय तहसील पहुंचकर एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने अधिवक्ताओं से बात की। बातचीत में सहमति के बाद धरना समाप्ति का एलान कर दिया गया। बार अध्यक्ष ने बताया कि न्यायालयों में बाहरी व्यक्तियों से कार्य न कराने, खतौनी में संशोधन, न्यायालयों में लंबित विवादित एवं अविवादित वादों का जल्द निस्तारण, लेखपालों द्वारा कुरा आदि जल्द दाखिल कराने, असंक्रमणीय भूमि को संक्रमणीय भूमि घोषित करने आदि की मांगों पर आश्वासन दिया है। साथ ही स्थानांतरित किए गए नायब तहसीलदार को रिलीव करने की बात कही है।