एटा। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से तीन तक के बच्चों को फिलहाल पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी होगी। नया शिक्षा सत्र शुरू हो जाने के 15 दिन बाद भी इन कक्षाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हुई हैं,जबकि नए सत्र से इन कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों से पढ़ाई होनी है।
नए शिक्षा सत्र में शासन ने कक्षा तीन तक के बच्चों को पढ़ने के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया है। कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों के लिए पहले जैसे ही पा्ठयक्रम से पढ़ाई कराई जा रही है। इन बच्चों के लिए मार्च माह में ही पुस्तकों की उपलब्धता कर दी गई थी। जिसका वितरण स्कूलों में शुरू हो चुका है। एक अप्रैल को स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों को अब तक प्राप्त हो चुकी पुस्तकों का वितरण कर दिया गया।
लेकिन कक्षा एक से तीन तक की पुस्तकों की उपलब्धता अभी तक नहीं हो सकी है। ऐसे में बच्चों को पुरानी किताबों से ही पढ़ाया जा रहा है। बीएसए संजय सिंह ने बताया कक्षा एक से तीन तक की किताबों के आने में देरी हो रही है। दो दिन पहले कक्षा तीन की दो किताबें आईं हैं। सभी किताबों के आने पर उनका वितरण कराया जाएगा।
कोर्स में बदलाव और पढ़ाई में देरी से अभिभावक चिंतित एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर कोर्स में बदलाव किया गया है। किताबें मिलने में भी देरी हो रही। जिसे लेकर अभिभावक चिंतित हैं। कक्षा 2 के छात्र अभिनव के पिता रूपेश और कक्षा 3 की छात्रा अनन्या के पिता क्रांति सिंह का कहना है कि नए पाठ्यक्रम को समझने में बच्चों को अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। किताबें देरी से मिलेंगी तो पढ़ाई और कठिन लगेगी।