जिला अस्पताल में अपनी रजाई लेकर भर्ती मरीज। संवाद
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एटा। कड़ाके की ठंड पड़ रही है। खासतौर से रात का मौसम बेहद सर्द हो जाता है जो तमाम लोगों को दर्द दे रहा है। राहत के लिए किए गए सरकारी इंतजाम नाकाफी बने हुए हैं। बस स्टैंड पर बनाए गए अस्थायी रैन बसेरा में कम बेड होने की वजह से कई लोग जमीन पर रात काटने को मजबूर हैं। अस्पताल में मरीजों को एक कंबल दिया जा रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग घरों से रजाई ला रहे हैं। शहर में अभी अलाव भी नजर नहीं आ रहे, जिसके सहारे लोग रात काट सकें। मंगलवार की रात बस स्टैंड और जिला अस्पताल में ही अलाव जलते नजर आए।
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यात्रियों, बेघरों आदि के लिए अस्थायी रैन बसेरा बनाया गया है। इसमें रजाई-गद्दे साफ-सुथरे हैं और सफाई की स्थिति भी अच्छी है, लेकिन बेड 16 ही डाले गए हैं। इन सभी पर यात्री सो रहे थे। जगह न मिलने के कारण सात लोग बस स्टैंड के अंदर जमीन पर ठिठुरते हुए लेटे थे।
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गंभीर बीमार और घायल मरीज सो रहे हैं। अभी यहां ही रूम हीटर की व्यवस्था नहीं की गई है। एक सरकारी कंबल बिस्तरों पर नजर आया। मरीज घरों की रजाई ओढ़े हुए थे। तीमारदार भी घरों की रजाई-कंबल लेकर इधर-उधर लेटकर या बैठकर मजबूरी में रात काट रहे थे।
रोडवेज बस स्टैंड पर ठंड में जमीन पर सोते लोग ।संवाद- फोटो : ETAH