सुरेंद्र नगर की कच्ची सड़क के बीच से बहता पानी।संवाद
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एटा। शहर से सटे मोहल्ले मयूर विहार में रास्ता खराब होने से लोगों का गुजरना मुश्किल है तो सुरेंद्र नगर में पानी को लोग तरस रहे हैं। इन मोहल्लों को बसे हुए करीब दस साल हो गए हैं। बाशिंदों को इंतजार है कि इन्हें नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
ग्राम पंचायत चौंचा बनगांव में निधौलीकलां रोड किनारे बसाए गए मोहल्ला मयूर विहार के हालात ज्यादा ही बुरे हैं। यहां पानी की निकासी ही नहीं है। घरों से निकलने वाला पानी गलियों में जमा हो रहा है। कई घरों के बाहर जलभराव और कीचड़ होने के कारण लोगों को घर से अंदर-बाहर जाने में मशक्कत करनी पड़ती है। ईंटें रखकर लोग आवागमन कर रहे हैं। बिजली के पोल भी नहीं लगे हैं, बांस - बल्लियों के सहारे केबिल घरों तक खींची गई हैं।
ग्राम पंचायत भगीपुर में शिकोहाबाद रोड किनारे सुरेंद्र नगर नाम से मोहल्ला बसाया गया। इसमें करीब 60 मकान बने हुए हैं। अधिकांश मकान अच्छी हालत के हैं, लेकिन इलाके में मूलभूत सुविधाएं गांव से भी बदतर हैं। यहां की बड़ी समस्या नगर पालिका की पाइप लाइन न होने से पेयजल की है। कुछ लोगों ने सबमर्सिबल पंप लगवा ली हैं, जिसमें बिजली का मोटा खर्चा झेलना पड़ रहा है। वहीं अधिकांश लोग हैंडपंप से पानी ढोने को मजबूर हैं। इसके साथ ही मुख्य गली ही नहीं बनी है, रास्ता कच्चा है। आधे मोहल्ले तक बिजली की लाइन आई है।