एटा। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद एटा शहर के कोचिंग सेंटरों पर निगरानी की जरूरत है। सीएम ने बेसमेंट में कोचिंग और लाइब्रेरी संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन एटा जिले में 50 से अधिक कोचिंग मानकों के विपरीत चल रही हैं। यह बेसमेंट में संचालित हैं। इन पर न तो फायर विभाग की एनओसी है, न हीं शिक्षा विभाग का रजिस्ट्रेशन।
शहर के श्रंगार नगर, शांति नगर, अरुणा नगर, निधौली रोड, आगरा रोड, जिला पंचायत क्षेत्र सहित कई मोहल्लों में नियमों को ताक पर रखकर अवैध कोचिंग और लाइब्रेरी संचालित की जा रही हैं। इनमें से कई संस्थान बेसमेंट में चल रहे हैं, जबकि कुछ तंग गलियों में ऐसे भवनों में संचालित हैं जहां आपात स्थिति में छात्रों का सुरक्षित निकास तक संभव नहीं है। अधिकांश स्थानों पर अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था नहीं है और न ही भवनों के सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। यह स्थिति केवल एटा शहर में ही नहीं कस्बों में भी है। जलेसर, अलीगंज, अवागढ़, मारहरा आदि कस्बों में भी यही स्थिति है। यहां भी कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी बेसमेंट में चल रहे हैं। लाइब्रेरी में सीटों की व्यवस्था इतनी संकरी है, कि कोई हादसा होने पर वहां से निकलना मुश्किल हो जाएगा।
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केस 1-
शृंगार नगर में चिडि़याघर रोड पर कोचिंग सेंटर बेसमेंट में संचालित है। यहां से निकासी और प्रवेश के लिए केवल एक मात्र द्वार है। ऐसे में यहां हादसा होने पर हालात भयावह हो सकते हैं।
केस 2-
अलीगंज के मोहल्ला छेदालाल गौड़ में एक मकान की दूसरी मंजिल पर लाइब्रेरी चल रही है। यहां तकरीबन 90 विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। इसके बैठने के व्यवस्था बेहद संकरी है। एक ही निकास गेटहै। अग्निशमन के साधन नहीं है।
कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों के लिए जारी की गई गाइडलाइनः
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी अरविंद सिंह के दिशा निर्देशानुसार कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों के लिए गाइड लाइन जारी की गई है। इसमें दस बिंदुओं को शामिल किया गया है। कोचिंग पंजीकृत से पहले इन 10 बिंदुओं का पालन करना होगा।
- कक्षा कक्ष में प्रत्येक छात्र के लिए एक वर्गमीटर क्षेत्र आवंटित होना आवश्यक है।
- अग्नि सुरक्षा कोड, भवन सुरक्षा कोड और अन्य मानकों का पालन करना होगा।
- प्राथमिक चिकित्सा किट और चिकित्सा सहायता व उपचार सुविधा, पुलिस हेल्पलाइन विवरण, अग्निशम हेल्पलाइन, महिला हेल्पलाइन आदि का विवरण।
- भवन पूरी तरह से विद्युतीकरण, हवादार और पर्याप्त रोशनी वाला होना चाहिए।
- सुरक्षित पीने योग्य पेयजल की सुविधा।
- सीसीटीवी कैमरे की सुविधा।
- शिकायत पेटिका व रजिस्टर रख रखाव।
- छात्रों द्वारा शिकायत के लिए पुस्तिका।
- छात्रों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था।
- कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश नहीं ले सकते हैं।
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देशदीपक
श्रंगार नगर में बेसमेंट में संचालित कोचिंग। संवाद