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ढाई दशक के दूरदर्शन केंद्र को अलविदा

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कलक्ट्रेट स्थित दूरदर्शन प्रसारण केंद्र ।संवाद - फोटो : ETAH
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एटा। ढाई दशक के दूरदर्शन केंद्र को अलविदा कहने का वक्त आ गया है। शहर में स्थापित दूरदर्शन के लघु प्रसारण केंद्र से 31 अक्तूबर को प्रसारण बंद कर दिया जाएगा। शुरुआती दौर में दर्शकों को दिल्ली के केंद्र से ही प्रसारण दिया जाता था। जिसकी यहां तक फ्रीक्वेंसी बेहद कम होती थी। लोगों को ऊंचे-ऊंचे एंटीना लगाने पड़ते थे। फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के लिए प्रसार भारती ने यहां लघु प्रसारण केंद्र की स्थापना की। जिसका उद्घाटन 31 मार्च 1994 को तत्कालीन सांसद सत्या बहन ने किया।
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इससे लो फ्रीक्वेंसी को हाई फ्रीक्वेंसी में बदल कर दूरदर्शन चैनल का प्रसारण शुरू कर दिया गया। लोगों को बड़े एंटीना से छुटकारा मिला और सिग्नल क्वालिटी अच्छी मिलने लगी, लेकिन बाद में प्राइवेट चैनलों की ऐसी होड़ लगी कि दूरदर्शन की चमक फीकी पड़ती गई। लगातार घाटे में जाने के कारण उत्तर प्रदेश के 27 लघु प्रसारण केंद्रों को बंद करने का फैसला लिया गया है। जिनमें एटा का केंद्र भी शामिल है। हर महीने इस पर करीब एक लाख रुपये का खर्च वहन करना पड़ रहा है।
ढाई साल से केवल दो कर्मचारी
केंद्र स्थापना के समय इस पर 13 अधिकारी, कर्मचारियों का स्टाफ तैनात किया गया था। उस समय लोगों में दूरदर्शन की दीवानगी थी। अन्य चैनल आए तो इसका असर कम होने लगा। केंद्र के कर्मचारी-अधिकारी सेवानिवृत्त तथा स्थानांतरित होते गए, नए की नियुक्ति नहीं हुई। इस तरह अब यहां केवल इंजीनियर असिस्टेंट हरीश भाटिया और सीनियर टैक्नीशियन सुबोध कुमार ही ढाई साल से काम कर रहे हैं।
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प्रसारण का समय घटाया
प्रसरण बंद करने से पहले इसका समय घटा दिया गया है। अभी तक यहां से सुबह 5.30 से रात 12 बजे तक प्रसारण किया जाता था। अब 28 सितंबर से समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कर दिया गया है।
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