एटा। बैंक में 5 लाख के केसीसी के लिए आवेदन किया था, लेकिन 3.50 लाख रुपया ही दिया गया। पता नहीं क्या किया गया कि यह कर्जा अब करीब 10 लाख हो गया। इससे परेशान होकर रामनिवास ने आत्महत्या कर ली। बुधवार रात गांव में पहुंचे कांग्रेस पदाधिकारियों को मृत किसान के परिजन ने अपना दर्द सुनाया। कांग्रेस नेताओं ने किसान को आत्महत्या के लिए उकसाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई।
नयागांव थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर फेरू में किसान रामनिवास (55) ने 10 सितंबर को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। वह बैंक के कर्ज और अमीनों के तकादे के चलते अवसाद में थे। जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी बुधवार रात में सांत्वना देने पहुंचे। रामनिवास के पुत्रों ने बताया कि बैंक के कर्ज और बैंक कर्मियों द्वारा फोन किए जाने से पिता परेशान रहने लगे थे। अक्सर रोने लगते, किसी के भी पैर छूने लगते। परेशान होकर खुद को गोली मार ली। पुत्रवधू ने बताया कि ससुर ने करीब 9 साल पहले 5 लाख रुपये के केसीसी लोन लिया था। बैंक द्वारा 3.50 लाख रुपये ही दिए गए। उनकी मृत्यु के बाद बैंक वालों ने ससुर के नाम लोन कर फंसा दिया। अब यह कर्जा बढ़ाकर 10 लाख कर दिया गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनिल सोलंकी ने सांत्वना देते हुए कहा कि बड़े दुख का विषय है कि किसान को मजबूर होकर आत्महत्या करनी पड़ी। शासन-प्रशासन से मांग करेंगे कि पीड़ित किसान परिवार को न्याय दिलाया जाए। कर्जा माफ किया जाए और परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। आत्महत्या के लिए उकसाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जिला महासचिव सुभाष सागर एडवोकेट, जिला सचिव गुलाम मुस्तफा, सुनील गौतम, राजबहादुर शाक्य, ज्योति सोलंकी एडवोकेट, ओमप्रकाश सिंह तोमर, पंकज गौतम आदि कांग्रेसी मौजूद रहे।