मिरहची क्षेत्र के नगला नथा में उखाड़े गए पेड़। संवाद
एटा। गांव नगला नथा में नगर पंचायत ने 5 से अधिक हरे पेड़ काट दिए। पेड़ काटने के लिए किसी प्रकार की वन विभाग से अनुमति तक नहीं ली गई। इस मामले में नगर पंचायत प्रतिनिधि समेत तीन लोगों के खिलाफ वन विभाग ने विभागीय कार्यालय में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
नगला नथा में नगर पंचायत की ओर से नाले का निर्माण कराया जा रहा है। यहां पर संरक्षित वन भूमि है। इस पर कई हरे भरे पेड़ खड़े हुए हैं। इन पेड़ों को काटकर नाले का निर्माण किया जा रहा था। जेसीबी से नाले की खुदाई करते वक्त नाले के बीच में आने वाले हरे पेड़ों को उखाड़ दिया गया। इस मामले में डीएफओ विपिन वर्मा ने वन विभाग की टीम को भेजकर स्थलीय जांच कराई। जांच में टीम को मौके पर 7 हरे विशालकाय पेड़ जेसीबी द्वारा उखड़े हुए मिले।
इस पर टीम ने कार्य को रुकवा दिया। डीएफओ विपिन वर्मा ने बताया कि इस संबंध में नगर पंचायत प्रतिनिधि मिरहची सर्वेश उपाध्याय, अधिशासी अधिकारी सुदेश कुमार आर्य और ठेकेदार कौशलेंद्र त्रिवेदी के खिलाफ विभागीय मुुकदमा दर्ज किया गया है। बताया कि नाला निर्माण के दौरान नगर पंचायत की ओर से वन विभाग की ओर से कोई आपत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया। इसकी वजह से तीन लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
पहले भी हो चुका है हरे पेड़ों का कटान
वन विभाग की बिना अनुमति के नगर पालिका परिषद ने शहर के जीटी रोड स्थित जलनिगम प्रयोगशाला के पास कई सारे हरे पेड़ काट दिए। इस संबंध में भी वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। नगर पालिका परिषद द्वारा यहां पर पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है। इस संबंध में वन विभाग को लोगों को ने सूचना भी दी लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।