राजा का रामपुर। बैंक अधिकारियों की उदासीनता के चलते मुख्यमंत्री उद्यमी विकास योजना लक्ष्य से बहुत पीछे है। स्वीकृत होने के बाद भी फाइलें बैंकों में लटकी हुई हैं। अलीगंज ब्लाॅक क्षेत्र में 400 के सापेक्ष 112 युवाओं का पंजीकरण हो सका है। इसमें भी 66 फाइलें बैंकों में लंबित पड़ी हैं।
खुद का रोजगार शुरू करने वाले युवाओं के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना शुरू की। इसके तहत ब्याज मुक्त पांच लाख रुपये के ऋण की सुविधा दी गई। ऋण के साथ ही प्रशिक्षण की सुविधा सरकार दे रही है। इसके बावजूद युवाओं के सपने साकार नहीं हो पा रहे हैं। अलीगंज ब्लाॅक क्षेत्र को 400 पंजीकरण का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 112 पंजीकरण हो सके हैं।
सहायक विकास अधिकारी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि बैंकों से ऋण न मिलने पर योजना प्रभावित हो रही है। अलीगंज ब्लॉक क्षेत्र की विभिन्न बैंकों को 112 फाइल भेजी गईं। 51 स्वीकृत हो सकी हैं। 66 फाइलें बैंकों में लंबित हैं। 46 फाइलों पर ऋण वितरित होना बाकी है।
ब्लॉक मिशन प्रबंधक गंगाधर ने बताया कि सर्वाधिक 13 फाइलें राजा का रामपुर की केनरा बैंक को भेजी गईं थीं। जिसमें पांच फाइलें स्वीकृत हुई हैं। मात्र एक को ऋण वितरित किया गया है। शेष फाइलें शाखा में लंबित हैं। अलीगंज की बैंक ऑफ इंडिया को 37 फाइलें भेजी गईं। इसमें स्वीकृत 14 फाइलों में से किसी को भी ऋण वितरित नहीं किया गया है।