मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बुधवार को खाली पड़ा अस्थि रोग विभाग का कक्ष। संवाद
एटा। दिवाली पर आतिशबाजी ने जिले में सांस रोगियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। धुआं के साथ तमाम खतरनाक तत्व घुलने से हवा प्रदूषित हो गई है। इसका असर सेहत पर पड़ना शुरू हो गया। बुधवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी से ओपीडी तक 250 मरीज सांस रोग से संबंधित आए।
दिवाली के बाद बुधवार को सुबह से ही मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो गई। सामान्य दिनों की अपेक्षा बुधवार को मरीज कम पहुंचे, फिर भी पर्चा काउंटर पर 1300 पर्चे बने। मेडिसिन विभाग की ओपीडी के कक्ष में चिकित्सकों ने मरीजों को देखा। चिकित्सकों ने बताया कि वायु प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। दिवाली से पहले रोजाना 30 से 35 मरीज उनके पास पहुंचते थे। बुधवार को लगभग 250 मरीज सांस रोग के पहुंचे।
वहीं इमरजेंसी में दो दिन में 15 मरीजों को सांस की समस्या के चलते भर्ती किया गया। चिकित्सक हर्ष ने बताया कि सांस रोगियों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी बढ़ गई है। लोगों को मास्क पहनने और अनावश्यक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। आतिशबाजी से प्रदूषण बढ़ा है, इसी वजह से दिक्कत बढ़ गई है।