अनुसेवक ने अधिकारियों से संबंधों का हवाला देते हुए ट्रांसफर कराने का आश्वासन दिया। इसके बदले उसने 2 लाख रुपये की मांग की। ट्रांसफर नहीं होने पर रुपये मांगे तो जान से मारने की धमकी दी।
लखनऊ स्थित सचिवालय के अनुसेवक पर शिक्षिका का स्थानांतरण कराने के लिए दो लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। अदालत के आदेश पर आरोपी के खिलाफ कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला संतोष नगर निवासी इमरान ने रिपोर्ट में लिखा है कि मामा की लड़की तबस्सुम गाजियाबाद की रहने वाली है। लखीमपुर खीरी में शिक्षा विभाग में कार्यरत है। उसका ट्रांसफर गाजियाबाद कराने के लिए इमरान ने शहर के मोहल्ला अवंतीबाई नगर निवासी मदन से बात की थी।
मदन ने सचिवालय में खुद के अनुसेवक होने की बात कह बड़े अधिकारियों से संबंधों का हवाला देते हुए ट्रांसफर कराने का आश्वासन दिया। इसके बदले उसने 2 लाख रुपये की मांग की। इमरान ने 4 जुलाई 2024 को मदन के खाते में 50000 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद में 14 जुलाई को रिश्तेदार परवेज अहमद के सामने घर पर 1.50 लाख रुपये दिए।
विज्ञापन
काफी समय बीतने के बाद भी जब ट्रांसफर नहीं हुआ तो इमरान ने मदन से संपर्क किया। 6 अप्रैल 2025 को पूछने पर मदन भड़क गया और गालियां देते हुए हाथापाई की। आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। उसने इमरान से कहा कि वह इसी तरह लोगों से पैसा ठगता है और उसका काम नहीं होगा।
इसके बाद 19 मई 2025 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थनापत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 13 जून को अदालत की शरण ली तब कहीं अब केस दर्ज किया गया है। सीओ सिटी राजेश सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता के साथ जांच-पड़ताल की जा रही है।