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इंडस्ट्रियल एरिया: करोड़ों के उद्योग, सड़कों पर जलभराव

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एटा। शहर में कासगंज रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया की हालत अच्छी नहीं है। यहां करोड़ों के उद्योग स्थापित हैं, लेकिन सड़कों पर जलभराव है। कीचड़ जैसे हालात बने हुए हैं। बरसात के दौरान फैैक्ट्रियों में पानी भर जाता है। तीन साल से यहां के उद्यमी अधिकारियों से शिकायतें कर रहे हैं। हर बार उद्योग बंधु की बैठक में यह मुद्दा उठता है, कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन जांच और निरीक्षण तक कार्रवाई सिमट जाती है।
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कासगंज रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में 30 से अधिक औद्योगिक इकाई स्थापित हैं। करीब तीन-चार साल से यहां जलभराव की समस्या बनी हुई है। उद्यमी बताते हैं कि अंदर नाला नहीं बना है, जिसके चलते पानी का निकास नहीं हो पा रहा। नाला बनाकर पानी को रेलवे की खाली जमीन या कासगंज रोड पर बंबे के पास निकाला जा सकता है। अतिक्रमण भी जलनिकासी में अवरोध बन रहा है। फैक्ट्रियों से तो लगातार पानी निकलता ही है, जैसे ही बरसात होती है समस्या विकराल हो जाती है। उद्यमी समस्या से जूझ रहे हैं। जरा सी बारिश में यहां तालाब जैसे हालात बन रहे हैं। निकासी न होने के कारण पानी कई दिन तक सड़ता रहता है। कई उद्यमियों की फैक्ट्रियों में पानी घुसने से माल का नुकसान हो चुका है।
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उद्योग बंधु की बैठक में हर बार चर्चा होती है। निस्तारण के लिए अधिकारियों की कमेटी बनाकर जिम्मेदारी दी गई, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। हमारी शिकायत है कि जो नाला निर्माण होना था, उसे कागजों में बनाकर भुगतान निकाल लिया गया।
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- धर्मवीर सिंह गहलौत
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कासगंज-बरेली राजमार्ग ऊंचा होने के बाद इंडस्ट्रियल एरिया नीचा हो गया। यहां जो सड़क बनी, वो अमानक थी। नाला बनाया नहीं गया। फैक्ट्रियों में पानी घुसने से नुकसान हो रहा है। जलभराव के कारण आसपास के कुछ घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं।
- प्रसून वार्ष्णेय
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यह समस्या नई नहीं है, लंबा समय हो चुका है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से इसका समाधान नहीं कराया जा रहा है। सड़क, नाली आदि के जो निर्माण कार्य हुए, उनमें गड़बड़ी भी समस्या की वजह है।
- राजकुमार
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उद्यमियों के अलावा बड़ी संख्या में यहां खरीदारों व अन्य लोगों का आवागमन होता है। बरसात के दौरान यह हालात होते हैं कि रास्ता निकलना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चलाना खतरा मोल लेने के समान है।
- पुष्पेंद्र
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पानी की निकासी न होने के कारण यह जगह-जगह भर गया है। इंडस्ट्रियल एरिया और इसके आसपास के भवनों की नींव को खतरा हो गया है। कई मकानों, फैक्ट्रियों में नुकसान भी हो चुका है।
- रंजीत सिंह
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सामान्य दिनों में भी यहां जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी रहती है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले पानी की कहीं निकासी नहीं है। यहां बीमारियों का भी खतरा रहता है।
- मनोज शर्मा
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इंडस्ट्रियल एरिया में नाला तो बनाया गया है, लेकिन कुछ जगह छूटी हुई है। कहीं पर ऊंचाई है। नाले को सही कराने और वर्षा जल को भूमिगत कराने के लिए चैंबर बनाने का सुझाव दिया गया है।
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- डॉ. अवधेश कुमार बाजपेयी, सीडीओ
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