एटा। लगातार बढ़ रही कीमतों के बीच डीजल शतक की ओर पहुंच गया है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से हर व्यक्ति परेशान है, लेकिन डीजल के दामों ने किसानों की कमर ही तोड़ दी है। फसलों के लिए इंजन चलाने से लेकर ट्रैक्टर से होने वाले कामों का खर्चा बहुत ऊपर पहुंच गया है। प्रति दस बीघा खेती पर 5600 रुपये तक अतिरिक्त खर्चा उठाना पड़ रहा है। जिसके चलते किसानों का कहना है कि बढ़ाया गया समर्थन मूल्य बेमानी है।
ऐसे बढ़ा खर्चा
किसानों के मुताबिक दस बीघा खेती के लिए चार बार ट्रैक्टर से जुताई और फसल होने तक इतनी बार ही पानी लगाना होता है। पिछले महीने तक 1200 रुपये बीघा जुताई और इतने का ही पानी एक बार में लगता था। अब जुताई के 2000 रुपये और पानी के 1800 रुपये कर दिए गए हैं। इस तरह चार बार में एक फसल पर 5600 रुपये अतिरिक्त खर्च बढ़ा है।