एटा। परिषदीय विद्यालयों में डीएलएड के प्रशिक्षु निपुण आकलन करेंगे। इसके लिए प्रशिक्षुओं की टीमें गठित की जाएंगी। एक टीम एक दिन में दो विद्यालयों का आकलन करेगी।
जिले में 1691 परिषदीय विद्यालयों में लगभग एक लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा 1 से 3 तक अध्ययनरत बच्चों के अधिगम स्तर को बेहतर बनाने और उस कक्षा के अनुरूप स्तर पर लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार गणित और हिंदी की आधारशिला क्रियान्वयन बुकलेट विकसित कर शिक्षकों को उपलब्ध कराई गई है। इससे बच्चों के शिक्षा स्तर को मजबूत किया जा सके।
टीएलएम सामग्री के जरिए बच्चों का शिक्षण कार्य कराया जाता है। मूल्यांकन की रिपोर्ट डायट प्राचार्य को प्रेषित की जाएगी। 75 प्रतिशत अंक पाने वाले बच्चे निपुण छात्र घोषित होंगे।
डायट के प्रभारी प्राचार्य दिनेश कुमार ने बताया कि विद्यालयों का निपुण मूल्यांकन कराने की तैयारी की जा रही है। 15 जनवरी से विद्यालयों का निपुण मूल्यांकन का कार्य शुरू किया जाएगा। इसमें डीएलएड प्रशिक्षु निपुण एप के जरिए विद्यालयों में जाकर मूल्यांकन करेंगे।