राजा का रामपुर। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से रात ही नहीं दिन में भी हरे पेड़ों का कटान चल रहा है। जिससे पर्यावरण को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंच रहा है। वन विभाग के कार्यालय से महज 500 मीटर की दूरी पर भी लगातार लकड़ी ले जाई जा रही है।
हर वर्ष शासन हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण अभियान चलाता है। इस पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। जबकि जमीन पर जीवित हरे पेड़ों की चिंता किसी को नहीं है। इनके कटान की रोकथाम के लिए विभाग के अधिकारियों की उदासीनता सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रही है। तहसील क्षेत्र में फलदार एवं मानव जीवन के लिए लाभकारी वृक्षों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। तीन दिन पहले एटा की ओर से अलीगंज जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली में हरे पेड़ों की लकड़ी भरी हुई थी।
एसडीएम अलीगंज को सूचना दी गई। उन्होंने वन विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया। वन विभाग ने ट्रैक्टर को अलीगंज के ईदगाह रोड पर बाईपास के पास से पकड़ लिया। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार अलीगंज को मौके पर भेजा गया, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही वन विभाग द्वारा ट्रैक्टर को छोड़ दिया गया। एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि लापरवाही नहीं बरती जाएगी। मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।